विनिर्माण क्षेत्र (प्रतीकात्मक चित्र)

भारतीय उद्योग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) के एक सर्वेक्षण के उद्योग संगठन का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर) सुधार की राह पर अग्रसर है।

नई दिल्ली। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र) के लिए पदों का परिदृश्य भले ही ख़त्म हो जाए लेकिन यह क्षेत्र जुलाई-सितंबर तिमाही में सुधार की राह पर अग्रि है। भारतीय उद्योग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) के एक संगठन के सर्वेक्षण में इसकी जानकारी मिली।

एक तिमाही पहले की तुलना में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार
फकी (FICCI) के द्वारा जारी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के हालिया तिमाही सर्वेक्षण के अनुसार, अधिक उत्पादन की बात कहने वाले डेटाबेस का प्रतिशत बेहतर हुआ है। इससे पता चलता है कि एक तिमाही पहले की तुलना में सितंबर तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार की ओर अग्रसर है।

ये भी पढ़ें- देश में 437 परियोजनाओं की लागत four.37 लाख करोड़ रुपये बढ़ी, जानिए इसकी वजहसर्वेक्षण के अनुसार, जून तिमाही में 10 प्रतिशत भागीदारों ने अधिक उत्पादन की बात की थी। सितंबर तिमाही में इनका प्रतिशत 24 हो गया। उनके साथ ही कम या समान उत्पादन की बात कहने वाले भागीदारों का प्रतिशत इस दौरान 90 प्रतिशत से कम के साथ 74 प्रतिशत पर आ गया।

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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नियुक्तियों का परिदृश्य इस दौरान कुछ सुधरा है, लेकिन यह अभी भी ढेर बना हुआ है। सर्वेक्षण में शामिल 80 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा है कि वे अगले तीन महीने तक अतिरिक्त लोगों को काम पर नहीं रख रहे हैं।



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