कुछ इंडिकेटर्स के बारे में, देश की अर्थव्‍यवस्‍था में हो रहा सुधार स्‍थायी नहीं है।

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के खेडम होने के बाद अब देश की अर्थवचन संस्था (भारतीय अर्थव्यवस्था) धीरे-धीरे सुधर रही है। लेकिन, ब्रिकवर्क रेटिंग्स (ब्रिकवर्क रेटिंग्स) के मुताबिक, सरकार की ओर से तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसमें लगातार सुधार की स्थिति बने रहना मुश्किल होगा।

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  • आखरी अपडेट:18 अक्टूबर, 2020, 6:45 अपराह्न आईएसटी

नई दिलवाली केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस के फैलने की अप पर ब्रेक लगाने के लिए देशभर में लॉकडाउन (लॉकडाउन) दिया। ऐसे में पहले से ही सुस्ति के दौर से गुजर रही भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था) डानवाडोल हो गई। अब लॉकडाउन ख्रेडम होने के बाद धीरे-धीरे देश की अर्थवचनशालाओं में सुधार हो रहा है। इस बीच रेटिंग एजेंसी ब्रिकवर्क रेटिंग्स (ब्रिकवर्क रेटिंग्स) का कहना है कि अर्थव्यूशन्सथा में सुधार दिखाई दे रहा है (आर्थिक रिकवरी) स्थापित करना नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2020 में भारतीय इकोनॉमी में 13.5 फीसदी गिरावट आ सकती है। वहीं, संपूर्ण वित्‍त वर्ष 2020-21 के दौरान इकोनॉमी 9.5 प्रति घट सकता है।

eight साल की सबसे जियादा मैथन्युफैचरिंग पीएमआई
ब्रिकवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार (केंद्र सरकार) की ओर से तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर देश की अर्थव्‍यवस्‍था में लगातार सुधार की स्थिति बनी रहना मुश्किल होगा। अगस्त 2020 में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 52 प्रतिशत था, जो सितंबर में 56 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया। यह eight साल में सबसे अधिक है। सितंबर 2020 में जीएसटी कलेक्शन 95,480 करोड़ रुपये हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के three.eight प्रतिशत से अधिक है। यात्री व्हीकल्लस की बिक्री में 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है। रेलवे ट्रैफिक में भी 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। गुड्स, पेट्रोल प्रोडक्ट, दवा और रेडीमेड इंजन के एक्स में 5.three प्रतिशत की वृद्धि हुई।

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देश की अर्थव्‍यवस्‍था के कई सेक्‍टरों के प्रदर्शन में वृद्धि के बाद भी रेटिंग एजेंसी ब्रिकटेल रेटिंग का कहना है कि यह कुछ समय के लिए सुधार है। चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में पिछले साल के मुकाबले नए प्रोजेक्ट्स पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपिटल एक्सपेंडिचर) 81 फीसदी गिर गया है। इससे साफ है कि निवेश (निवेश) में गिरावट हुई है। इसके अलावा अगस्त 2020 में कोर सेक्टर ग्रोथ दसवीं निगेटिव eight.5 प्रति (निगेटिव ग्रोथ) चली गई है। गोल्ड (गोल्ड) और कच्छे तेल (क्रूड ऑयल) के अलावा सभी वस्तुओं का आयात (आयात) भी लगातार कम हुआ है।

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अप्रैल-जून 2020-जीडीपी के दौरान 23.9% की कमी
अप्रैल-जून 2020 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 23.9 प्रति कम हो गया है। कृषि और उससे जुड़े सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टर में नकारा हुआ वृद्धि दिखी थी। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। इसमें 50.three प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद के ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और कम्युनिकेशन में 47 फीसदी और सेंसेटिंग में 39.three फीसदी की गिरावट दिखी। रिपोर्ट के मुताबिक, इकोनॉमी में सुधार दिख रहा है लेकिन ये सभी सेक्टर्स में गिरावट का दौर जारी रहेगा। इससे अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के लंबे समय तक टिके रहने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।



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