राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली

राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (एनपीएस) को वर्ष 2004 में केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए लाया गया था। बाद में इसे सभी नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। पिछले एक साल के दौरान इसमें डबल डिजिट रिटर्न देखने को मिला है। लंबी अवधि में यह सबसे बेहतर निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है।

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  • आखरी अपडेट:19 अक्टूबर, 2020, 5:46 AM IST

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के डेट स्कीम्स ने बीते एक साल में डबल डिजिट रिटर्न दिया है। दूसरी ओर अन्य असफल इनकम इन्वेस्टमेंट विकल्प में कुछ खास रिटर्न नहीं मिला है। बीते एक साल में एनपीएस के स्कीम जी ने औसतन 12 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। एनपीएस के स्कीम जी सरकारी बॉन्ड्स और अन्य सिक्योरिटीज (सरकारी बांड और प्रतिभूति) में निवेश करता है। यह एक कम जोखिम वाला इनवेस्टमेंट विकल्प माना जाता है। यही कारण है कि अनुभवहीन निवेशक भी बेहतर रिटर्न की लालच में बिना किसी तर्क के एनपीएस के इस स्कीम्स में निवेश कर देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य में लगभग इतना ही क्लिक की उम्मीद करने से पहले यह जान लें कि एनपीएस के खास फीचर्स क्या हैं।

वर्ष 2004 में केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली को खत्म करन नेशनल पेंशन सिस्टम (नेशनल पेंशन सिस्टम) को लाया गया था। इसके 5 साल बाद यानी 2009 में एनपीएस को सभी नागरिकों के लिए खोल दिया गया। एनपीएस की सबसे खास बात यह है कि यह एक लो-कॉस्ट स्ट्रक्चरल इनवेस्टमेंट विकल्प है। साथ ही, टैक्स छूट इसे रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सबसे बेहतर निओशन विकल्प में से एक बनाता है।

एनपीएस के स्कीम जी को बहुत शानदार रिटर्न कैसे मिले?
इसके लिए हम सबसे पहले एक बेसिक बातें को समझ लेते हैं। बॉन्डडेल्ड (बॉन्ड यील्ड) और बॉन्ड क्वालिटी में अप्रत्यक्ष रूप से संबंध होता है। जैसे-जैसे खेल्ड नीचे की ओर जाता है, वैसे-वैसे मौजूदा डेट स्कीम्स (डेट स्कीम्स) का क्वालीफायर उपर जाता है। उच्च ब्याज दर की वजह से ये सिक्योरिटीज ज्यादा अनुकूल हो जाते हैं। इसका मतलब है कि डेट स्कीम का नेट एसेट वेल्यू यानी एनएवी उपर चला जाता है। अगर बॉन्डीडेल्ड में इजाफा होगा तो एनएवी कम होगा।यह भी पढ़ें: क्या प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में भारत से आगे निकल जाएगा? पूर्व सीईए ने कही ये बात

ये होने के लिए ऑन ऑन परफॉर्मर हैं

इसी तरह एक मौलिक बात से पता चलता है कि बीते एक साल के दौरान कैसे एनपीएस के स्कीम जी में डबल डिजिट होल्ड मिला। बेंचमार्क 10-वर्षीय जी सिक्योरिटीडेल्ड 6.70 प्रति से कम कम 5.94 प्रतिशत पर आ गया है। 13.43 प्रतिशत रिटर्न के साथ एचडीएफसी पेंशन प्रबंधन फंड (एचडीएफसी पेंशन मैनेजमेंट फंड) बीते एक साल में बंद परफॉर्मर है। दूसरे नंबर पर एलआईसी पेंशन फंड (एलआईसी पेंशन फंड) है, जहां 12.49 फीसदी का रिटर्न मिला है। जबकि, 12.25 प्रतिशत के रिटर्न के साथ आईसीआईसीआई प्रू पेंशन फंड मैनेजमेंट है।

क्या आगे भी बहुत ही क्लिक की उम्मीद की जा सकती है?
एनपीएस एक तरह का मार्केट लिंक्ड प्रोडक्ट है। एनपीएस स्कीम्स पर रिटर्न उतार-चढ़ाव वाला होता है। यह बात की पूरी संभवना है कि आने वाले दिनों में रिटर्न कम हो या फिर मौजूदा स्तर से ज्यादा हो। हालाँकि, अन्य लंबी अवधि वाले इनवेस्टमेंट की तरह इसके लिए भी एक ही सलाह दी जाती है। वह यह कि निवेश करने के लिए अपने ध्यान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव पर। जानकारों का कहना है कि केवल क्लिक देखकर ही निवेश करने का फैसला नहीं लेना चाहिए।

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निवेश के लिए जरूरी है कि वह सबसे पहले इस प्रोडक्ट को समझे। एनपीएस में केवल निवेश प्राप्त करने के लिए क्लिक करना चाहिए। इस निवेश का लक्ष्य होना चाहिए की लंबी अवधि के लिए रिटायरमेंट के लिए बचत की जा सके। एनपीएस में कई तरह के निवेश विकल्प मौजूद होते हैं, जैसे – शुद्धता, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज और वैकल्पिक निवेश के विकल्प। एनपीएस में एसेट क्लास के मिश्रण के जरिए भी निवेश किया जा सकता है।



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